स्वास्थ्य बीमा के नवीनीकरण के समय इन बातो का रखें ध्यान –

स्वास्थ्य बीमा खरीदना एक काफी महत्वपूर्ण कदम होता है क्योंकि इससे आपके परिवार के स्वास्थ्य से जुड़े खर्चो की बचत होती है। लेकिन इसे हर वर्ष जारी रखने के लिए आपको इसका नवीनीकरण भी करवाना पड़ता है। आप या तो इसे एजेंट के माध्यम से या फिर आप कंपनी की वेबसाइट पर जाकर भी अपनी पालिसी का नवीनीकरण करवा सकते हैं।

नवीनीकरण करते समय किन बातो का रखें ध्यान – हाँलाकि नवीनीकरण करना काफी आसान होता है फिर भी अगर कुछ बातो को ध्यान में रखे तो आपको ही फायदा हो सकता है।

१. अपने बीमा कवर का पूरा ध्यान रखें – जब बीमा की राशि आप चुनते हैं तो यह ध्यान में रखना चाहिए की क्या वह आपके परिवार की जरुरतों को पूरा कर रही है की नहीं। अगर आपको ऐसा लगता है बीमा की राशि कम है तो नवीनीकरण के समय आप राशि को बढ़वा सकते हैं। हो सकता है की जब आप राशि बढ़वाने की अर्जी दें तो बीमा कंपनी कुछ मेडिकल टेस्ट करवाए। तो यह सब सोच विचार करके और नवीनीकरण की तारीख से १५-२० दिन पहले ही अर्जी देदें ताकि आखरी समय में कोई दिक्कत न हो।

२. नवीनीकरण से पहले दूसरी कंपनी की पालिसी भी जांच लें – भारत में स्वास्थ्य बीमा की कई कंपनियां मौजूद हैं जिनमे सरकारी एवं प्राइवेट दोनों तरह की कंपनी काफी अच्छी पॉलिसी उपलब्ध कराती हैं। हर कंपनी समयानुसार पॉलिसी में कुछ न कुछ बदलाव करती रहती हैं। उदाहरण के तौर पर कोरोना वायरस की स्थिति आने के बाद कई कंपनियों ने अपने बीमा प्लान में कई बदलाव किये हैं, कुछ ने सुविधा बढ़ाई है तो लगभग हर कंपनी ने प्रीमियम के रेट बढ़ा दिए है। तो अगर आपकी पॉलिसी का नवीनीकरण का समय आ गया है तो पहले अपनी प्रीमियम की जानकारी लें। अगर आपकी कंपनी ने रेट ३०-४०% तक बढ़ा दिए हैं तो आप दूसरी कंपनी में पोर्ट करवा सकते हैं। इसके लिए आपको समय चाहिए क्योंकि दूसरी कम्पनी के प्लान के बारे में भी आपको पूरी जानकारी प्राप्त करना पड़ेगा। और हो सकता है की दूसरी कंपनी कम प्रीमियम में शायद ज्यादा सुविधा उपलब्ध करवा रही हो। तो कम से कम ३०-४५ दिन पहले से अपनी पॉलिसी की नवीनीकरण की जानकारी ले और अगर पोर्ट करवाना है तो उसकी प्रक्रिया के बारे में जाने और नवीनीकरण करें।


३. नियम व् शर्तो को ध्यान से पढ़ें कई बार बीमा कंपनी पॉलिसी के नियम व् शर्तों में बदलाव कर देते हैं। यह नियम पॉलिसी धारक के लिए नवीनीकरण के बाद लागु होते हैं। हो सकता है की शायद नियम में बदलाव आपके हित में न हो तो आपको चाहिए की नवीनीकरण के समय अपनी पॉलिसी के नियम पूर्ण रूप से पढ़े और जाने की क्या कोई बदलाव हुए हैं ?

ऊपर दिए गए सुझावों पर अगर पॉलिसी धारक ध्यान देगा तो नवीनीकरण करते समय वह नुकसान से बच सकता है।

लेखक –

आयुष भार्गव
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर
उज्जैन

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