सोने में कितना निवेश करना चाहिए?

हमारे एक काफी पुराने निवेशक हैं – आशीष जी। वे पिछले 9 सालो से सोने में म्यूच्यूअल फण्ड के जरिये निवेश कर रहे हैं। उन्होंने लम्बी अवधि के लिए यह निवेश शुरू किया था। अभी उनकी पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा 10% का है। पिछले कुछ सालो से वे इस निवेश को बंद करना चाह रहे थे क्योंकि सोने में उनका निवेश सिर्फ 2-3% का रिटर्न दे रहा था। हमने उन्हें यह कह कर निवेश जारी रखवाया की जब लम्बी अवधि के लिए निवेश किया है और अभी लक्ष्य दूर है तो निवेश जारी रखे। सोने में निवेश करना मतलब अच्छे रिटर्न के लिए धैर्य रखना ही पड़ेगा।

अभी अगस्त 2020 की शुरुआत में हमने जब उन्हें पोर्टफोलियो में सोने का प्रदर्शन दिखाया तब उन्हें ख़ुशी हुई क्योंकि अब वह 10% का रिटर्न दर्शा रहा है। पिछले 10 सालो में सोने ने सालाना 14% का रिटर्न दिया है। और अभी वैश्विक कारणों से सोने में तेजी जारी है। इस तेजी के कारण हमारे पास सोने में नए निवेशकों ने निवेश करना भी शुरू कर दिया है। तो क्या आपको पता है की पूरी पोर्टफोलियो में सोने का कितना हिस्सा होना चाहिए ? और क्या आगे सोने में और तेजी आ सकती है ?

कई निवेशक आज कल सोने में निवेश को महत्व देने लग गए हैं। वे पुराने तरीको को छोड़ कर अब म्यूच्यूअल फण्ड या एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड (ई.टी. ऍफ़.) के जरिये सोने में निवेश करने लग गए हैं। पिछले दस सालो में इसने काफी अच्छा रिटर्न कमा के दिया है निवेशकों को। छोटी अवधि में भले ही निवेशको को अच्छा रिटर्न नहीं मिले परन्तु लम्बी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद की जा सकती है। सोना क्योंकि एक धातु है, इसकी कीमत बढ़ना भी लाज़मी है। और जब भी विश्व में अस्थिरता पैदा होने की संभावना लगती है तो सोने की कीमतों में उछाल देखा जा सकता है।

एक निवेशक अपनी पोर्टफोलियो में सोने को ५-१०% का हिस्सा दे सकता है। हाँ निवेश लम्बी अवधि का होगा तो रिटर्न भी अच्छा मिलेगा। सोने में किया गया निवेश पोर्टफोलियो में हेजिंग का काम करता है। तय प्रतिशत से ज्यादा निवेश पोर्टफोलियो पर जोखिम बढ़ा सकता है। सोने में जब भी लम्बी अवधि के लिए निवेश किया जाता है तब उसके भाव पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि जैसा हमने पहले भी कहा की सोना एक धातु है जिसकी लम्बी अवधि में अच्छा रिटर्न प्रदान करने की सम्भावना पूरी रहती है।

निवेशक सोने में ई.टी. ऍफ़, म्यूच्यूअल फण्ड या सॉवेरेन गोल्ड बांड के जरिये भी निवेश कर सकते हैं क्योंकि इस से सोना उठा के रखने का जोखिम भी नहीं होगा और कम खर्च में निवेश भी हो जायेगा।

लेखक –
आयुष भार्गव
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर

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