कोरोना कवच पॉलिसी

पूरी दुनिया अभी कोरोना बीमारी की चपेट में है। दुनिया भर में इसके कारण तक़रीबन १.५ करोड़ लोग बीमार हो चुके हैं और लगभग ६ लाख लोग अपनी  जान गवां चुके है।  भारत में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, अभी तक १० लाख से ज्यादा लोग इस से ग्रसित हो चुके हैं जिनमे से २५ हज़ार से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी है।  अभी भी इस बिमारी की दवा की खोज जारी है और उम्मीद की जा रही है की इसकी वैक्सीन जल्द ही तैयार कर ली जाएगी।  परन्तु जब तक वैक्सीन तैयार नहीं हो जाती है तब तक हर नागरिक को एहतियात बरतनी पड़ेगी।

वर्तमान की स्थिति में अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ जाता है तो उसे या तो हॉस्पिटल में इलाज़ करवाना पड़ता है या फिर घर पर। दोनों ही स्थिति में डॉक्टर एवं उनकी टीम की निगरानी में ही इलाज़ होता है।  देखने में आया है की प्राइवेट हॉस्पिटल में इस बीमारी के इलाज में काफी ज्यादा खर्च आ रहा है और जो व्यक्ति घर पर इलाज करवा रहा है उस पर भी खर्च का बोझ बढ़ गया है।  एक आम मेडिक्लेम पॉलिसी इस बीमारी के खर्चो को पूरी तरह से  कवर नहीं कर रही है क्योंकि बिल में सिर्फ हॉस्पिटल में भर्ती होने पर होने वाले कुछ ही खर्चो को मान्यता दी जा रही है।  जबकि घर पर इलाज में भी खर्चे कम नहीं हो रहे हैं फिर भी इन्हे कवर नहीं किया जा रहा है।

इन्ही सब बातो को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने सभी जनरल बीमा कंपनी को कोरोना कवच नाम से पॉलिसी जारी करने को कहा है जिसके अंतर्गत हॉस्पिटल का खर्चा और घर पर इलाज में होने वाला खर्चा दोनों शामिल हैं।  लगभग सभी जनरल बीमा कंपनी और स्वास्थय  बीमा कंपनी ने इस तरह की पॉलिसी को बाजार में उतार दिया है।  गौर करने वाली बात यह है की इस पॉलिसी में कवर होने वाले तमाम खर्चो को सरकार की तरफ से पहले से ही तय कर दिया गया है। बीमा कंपनी अपनी तरफ से सिर्फ प्रीमियम तय कर सकती हैं।  तो आईये जानते हैं इस पॉलिसी की विशेषताएं और क्यों अलग है ये आपकी हेल्थ पालिसी से –

कोरोना कवच पॉलिसी की विशेषताएं –

१. कवर की राशि – इस पॉलिसी के तहत बीमा की राशि रु ५०,००० से शुरू होकर रु ५ लाख तक की है।

२. पॉलिसी की अवधि – यह पॉलिसी तीन अवधि में उपलब्ध है – ३.५ महीने, ६.५ महीने और ९.५ महीने।

३. एकल और फैमिली फ्लोटर – यह पॉलिसी एकल और फैमिली फ्लोटर दोनों रूप में उपलभ्ध है। फैमिली फ्लोटर ऑप्शन के अंतर्गत आप स्वयं को, अपने जीवन साथी को, बच्चो को (२५ वर्ष की उम्र तक के ), अपने माता पिता को और अपने सास ससुर को कवर कर सकते हैं।  फैमिली फ्लोटर ऑप्शन में ५% का डिस्काउंट भी मिलेगा।

. किस उम्र के लोग कवर किये जायेंगे –

१. व्यसक व्यक्ति – १८वर्ष से ऊपर के लोग
२. आश्रित बच्चे  – १ दिन से २५ साल तक की उम्र वाले

५. कौन कौन से खर्चे शामिल हैं ?


   १. हॉस्पिटल के खर्चे – इसके अंतर्गत रूम का खर्च,नर्सिंग का खर्च, आई. सी. यू. का खर्च डॉक्टर की फीस, (कंसल्टिंग, विजिटिंग, स्पेशलिस्ट), खून, ऑक्सीजन,वेंटिलेटर ,दवाईयां, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट, पी. पी. ई. किट , ग्लव्स , मास्क एवं एम्बुलेंस का खर्चा भी शामिल है।  इन सभी खर्चो को बीमा कंपनी तभी प्रदान करेगी जब मरीज़ कम से कम २४ घंटो के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हुआ हो।

  . घर पर इलाज़ का खर्चा – कोरोना पीड़ित व्यक्ति अगर घर पर इलाज़ करवा रहा है तो बीमा कम्पनी इसके सारे खर्च कवर करेगी बशर्ते अगर डॉक्टर ने घर पर इलाज़ करवाने की अनुमति दी हो तो।  इसमें सिर्फ १४ दिनों के खर्च ही कवर किये जायेंगे और वे होंगे – डायग्नोस्टिक रिपोर्ट,दवाईयां , डॉक्टर की फीस ,नर्सिंग के तहत होने वाले खर्चे, ऑक्सीजन, नेब्युलाइजर, पल्स औक्सीमीटर आदि खर्चे शामिल होंगे।

३. आयुष हॉस्पिटल के खर्चे – अगर किसी पॉजिटिव व्यक्ति का इलाज़ आयुर्वेदिक पद्दति, नेचुरोपैथी, यूनानी या होमियोपैथी पद्दति द्वारा किया जायेगा तो उसके खर्च भी यह पॉलिसी कवर करेगी।  शर्त यह होगी की बीमार व्यक्ति का इलाज आयुष हॉस्पिटल में हो।

४. प्री एवं पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च – अगर किसी पॉजिटिव व्यक्ति ने कोरोना का इलाज शुरू करवाने से १५ दिन पहले तक कोई खर्च किया है और हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के ३० दिन बाद तक कोई खर्च किया है तो वह भी इस पॉलिसी के अंतर्गत कवर होंगे।  शर्त यह है की सभी खर्चे इस कोरोना बीमारी से जुड़े होने चाहिए।

इस पॉलिसी की कुछ शर्ते –

१. इस पॉलिसी के अंतर्गत १५ दिन का वेटिंग पीरियड लागु होगा।
२. अगर घर पर इलाज करवाया जाता है तो कंपनी सिर्फ १४ दिन का खर्चा देगी।
३. अगर कोई व्यक्ति किसी भी कारण से विदेश की यात्रा करता है तो उसकी पॉलिसी रद्द कर दी जाएगी।
४. सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लैब पर किये गए टेस्ट ही मान्य होंगे।  अन्य पर किये गए खर्च का कंपनी भुगतान नहीं करेगी।
५. बिना डॉक्टर के पर्चे (जिस पर घर पर ही इलाज का लिखा गया हो) अगर घर पर इलाज किया जायेगा तो उसका खर्च कंपनी नहीं देगी।


ऐड ऑन पॉलिसी – कोरोना कवच पॉलिसी के साथ हॉस्पिटल डेली कैश पॉलिसी ऐड ऑन पॉलिसी के रूप में ली जा सकती है।  इसके अंतर्गत अगर बीमार व्यक्ति हॉस्पिटल में भर्ती होता है तो उसे पॉलिसी कवर का ०.५% रोज़ का भुगतान किया जायेगा।  यह भुगतान अधिकतम १५ दिन तक का ही मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोरोना पॉलिसी में  व्यक्ति रु १ लाख का कवर लेता है तो उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने पर रोज़ का ०.५% के हिसाब से रु ५०० मिलेंगे।

कौन कौन सी कंपनी पॉलिसी दे सकती है ?

सरकार द्वारा ३० बीमा कम्पनी को इस पॉलिसी को बेचने का अधिकार दिया है जैसे की नेशनल इंश्योरेंस, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, एच डी ऍफ़ सी एर्गो हेल्थ इंश्योरेंस, स्टार हेल्थ & अलाइड इंश्योरेंस, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, ओरिएण्टल इंश्योरेंस, आदि।

लगभग सभी कम्पनिओं द्वारा जारी की गयी पॉलिसी के अंतर्गत एक जैसी ही खूबियां हैं, हाँ कुछ एक बिंदु में बदलाव हो सकता है। जैसे की सभी कंपनियों का प्रीमियम अलग अलग है। एच डी ऍफ़ सी एर्गो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की पॉलिसी में ३० वर्ष की उम्र के व्यक्ति के लिए ९.५ महीने का रु ५ लाख के बीमा का प्रीमियम रु १३९७ है तो नेशनल इंश्योरेंस का रु २३८५ है और बजाज आलियांज इंश्योरेंस की पॉलिसी का रु १३२० है। यह प्रीमियम बिना टैक्स के दर्शाया गया है।  

क्या लेना चाहिए यह पॉलिसी ?

जी हाँ, यह पॉलिसी परिवार के हर सदस्य के लिए लेना चाहिए भले ही वे ५ वर्ष के हो या ७० वर्ष के। जब तक इस बीमारी की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक हर व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है और अगर पॉजिटिव पाए जाते हैं तो हॉस्पिटल या घर पर इलाज करवाना पड़ सकता है।  कई वाक्यों में यह सामने आया है की प्राइवेट हॉस्पिटल में इस बीमारी से भर्ती होने पर बिल लाखों में आया है।  तो अगर आपके पास कोरोना कवच जैसी कोई पॉलिसी है तो आपको पैसो को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

अगर किसी के पास पहले से स्वास्थय बीमा है तो भी उन्हें और उनके परिवार को कोरोना कवच पॉलिसी लेना चाहिए क्योंकि ऐसे कई खर्च हैं इस बीमारी से सम्बंधित जो एक आम हेल्थ पॉलिसी कवर नहीं करेगी। उदाहरण के तौर पर पी. पी. ई. किट, ग्लव्स, मास्क, फेस शील्ड, शू कवर, आदि ऐसे कई आइटम हैं जिनके पैसे हॉस्पिटल वाले बिल में जोड़कर मरीज से वसूलते हैं और इन्हे बीमा कंपनी वाले कवर नहीं करते क्योंकि आम पॉलिसी के अंतर्गत इन्हे नॉन मेडिकल खर्चा माना जाता है। तो इस लिहाज से आपको कोरोना कवच पॉलिसी पूर्णतः कवर करेगी। दूसरा यह की एक आम हेल्थ बीमा पॉलिसी आपको घर पर इलाज का पैसा नहीं देगी जो की कोरोना पॉलिसी में कवर्ड है।

हम यही सलाह देंगे की यह पॉलिसी पूरे परिवार के लिए लें क्योंकि यह बीमारी छूने से भी फ़ैल रही है, तो अगर एक व्यक्ति इसकी चपेट में आया तो पूरा परिवार भी बीमार पड़ सकता है और क्योंकि यह पॉलिसी भी काफी सस्ती है तो इसे लिया जा सकता है।  ध्यान रहे की यह पॉलिसी सिर्फ कोरोना बीमारी को कवर करेगी अन्य को नहीं।

लेखक – आयुष भार्गव

One thought on “कोरोना कवच पॉलिसी

  • 19 July 2020 at 10:26 pm
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    Nice informative article

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